Thursday, April 26, 2007

अद्वैत अखंड नित्य भोक्ता
असंग निर्गुण अरुपाव्याय
अव्यक्त अनंत अमृतानंद
सम्पूर्ण सुख शिवोहं शिवोहं

सत्यं शिवं शुभं सुन्दरं
चैतन्य चिन्मय निर्मल
अचलाक्षर निश्चल शान्तं
निराकार ओमकार शिवोहं शिवोहं

कैवल्य केवल परंब्रह्म
शुद्ध सिद्ध बुद्ध शिवोहं
सत्यं ज्ञानमनंतं ब्रह्म
सत्यं ज्ञानमनंतं ब्रह्म